गुना, 17 अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश के गुना जिले में 31 वर्षीय महिला की मौत के बाद उसके परिजनों को शनिवार को जिला अस्पताल के शवगृह के बाहर खुली जगह पर अंतिम संस्कार से पहले के रीति-रिवाज करने पड़े।
आरोप है कि परिवार के मकान मालिक ने नवरात्रि की वजह से महिला का शव किराये के मकान में ले जाने से रोक दिया था।
पूजा रजक (31) लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थी। उपचार के दौरान तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है।
शिवपुरी जिले की रहने वाली पूजा पिछले चार साल से अपने माता-पिता के साथ गुना के घोसीपुरा इलाके में किराये के मकान में रह रही थी। उनके पिता पहलवान रजक ने आर्थिक तंगी और स्थायी आवास नहीं होने के बावजूद बेटी के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।
पहलवान ने बताया कि जब परिवार पूजा का शव घर ले जाने की तैयारी कर रहा था, तब मकान मालिक ने नवरात्रि में धार्मिक अनुष्ठान जारी होने का हवाला देकर शव घर नहीं ले जाने को कहा।
परिवार ने मकान मालिक की बात का विरोध नहीं करने का फैसला किया।
पिता ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद घरेलू विवाद के चलते पूजा अपने पति राकेश लश्करी से अलग हो गई थी। राकेश इंदौर का रहने वाला है। पूजा पिछले कुछ वर्षों से अपने माता-पिता के साथ गुना में रह रही थी।
परिवार की परेशानी को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भार्गव और गो-संरक्षण कार्यकर्ता राम सिंह रजक ने मदद की। उनकी सहायता से अस्पताल के शवगृह के पास खुले परिसर में विवाहित महिला के अंतिम संस्कार से पहले किए जाने वाले पारंपरिक रीति-रिवाज पूरे किए गए। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया।
पूजा की मौत की सूचना मिलने पर उनके पति राकेश अपनी दूसरी पत्नी के साथ इंदौर से गुना पहुंचे। राकेश ने अस्पताल परिसर में किए गए अंतिम रीति-रिवाजों में हिस्सा लिया।
भाषा सं दिमो जोहेब
जोहेब