नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (भाषा) राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर किए जाने को लेकर शनिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश में विरोध का अधिकार अब ‘‘अपराध’’ बन गया है।
निर्दलीय सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा कि विरोध-प्रदर्शन मौलिक अधिकार है और उन्हें विश्वास है कि उच्चतम न्यायालय इसकी रक्षा करेगा।
उन्होंने सवाल किया कि जब जंतर-मंतर पहले से प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल था तो इस व्यवस्था को समाप्त करने की क्या जरूरत थी?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन दिनों दशहरा उत्सव के कारण रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना संभव नहीं है।
सिब्बल ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर पूर्व में हुई हिंसा के लिए बाहरी तत्व जिम्मेदार थे और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया तथा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ।
उन्होंने न्यूयॉर्क, लंदन और पेरिस का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के निकट प्रदर्शन की अनुमति है।
सिब्बल ने बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने 2024 की मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
भाषा हक अविनाश शफीक
शफीक