ढाका, 17 अक्टूबर (भाषा) बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच मनाई जा रही दुर्गा पूजा के अवसर पर देश और विदेश में रहने वाले हिंदुओं को शुभकामनाएं दीं तथा सांप्रदायिक सौहार्द व सभी धर्मों के लोगों के समान अधिकारों पर जोर दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, रहमान ने शुक्रवार को हिंदू समुदाय से इस त्योहार को खुशी, आत्मविश्वास और बिना किसी भय के मनाने की अपील की।
वहीं, आलमगीर ने धार्मिक स्वतंत्रता और सभी नागरिकों को समान अधिकार सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
दुर्गा पूजा बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार है।
देशभर में हजारों अस्थायी और स्थायी पूजा स्थलों पर यह पर्व मनाया जा रहा है।
बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के अनुसार, इस साल पूरे बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के लिए कुल 33,851 पूजा पंडाल बनाए गए हैं, जिनमें राजधानी ढाका में 258 मंडप शामिल हैं।
बीएसएस के अनुसार, पिछले साल की तुलना में मंडपों की संख्या में करीब 1,500 की वृद्धि हुई है।
बांग्लादेश में पूजा स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इन इंतजामों में चौबीसों घंटे निगरानी, वर्दीधारी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा स्वाट इकाइयों, त्वरित प्रतिक्रिया दल और बम निरोधक दस्तों की तैनाती शामिल है।
सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय तथा अन्य पुलिस इकाइयों में निगरानी प्रकोष्ठ भी बनाए गए हैं। बीएसएस के अनुसार, प्रधानमंत्री रहमान ने शुक्रवार को अपने संदेश में कहा कि धार्मिक त्योहारों का आयोजन बांग्लादेश के लंबे समय से चले आ रहे धार्मिक एवं सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न समुदायों के बीच मित्रता, सद्भावना और भाईचारे की भावना धार्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदर्शित होती है।
रहमान ने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए कल्याणकारी, सुरक्षित देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे उनकी राजनीतिक विचारधारा, धर्म या जातीय पहचान कुछ भी हो।
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, रहमान मंगलवार को चट्टोग्राम में दुर्गा पूजा के एक आयोजन स्थल पर भी जाने वाले हैं।
राष्ट्रपति आलमगीर ने शुक्रवार को अपने संदेश में कहा कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि यह बंगाल की सामाजिक संस्कृति और विरासत से भी गहराई से जुड़ी हुई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उत्सव विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करेगा।
खबर के अनुसार, आलमगीर ने कहा कि सरकार अन्य धर्मों की तरह हिंदू धार्मिक संस्थानों और पूजा स्थलों के प्रबंधन, नवीनीकरण तथा विकास में भी सहयोग कर रही है।
वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश की लगभग 17 करोड़ की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब आठ फीसदी यानी 1.3 करोड़ है।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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