जयपुर, 17 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को कहा कि परीक्षा में उत्तीर्ण होना जीवन में सफलता की गारंटी नहीं है बल्कि जीवन में सफलता बौद्धिक क्षमताओं के विकास से मिलती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा को विवेक, समझदारी और ज्ञान से जोड़ने की जरूरत है। बागडे यहां एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘शिक्षा और समाधान’ विषयक संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कर्तव्यबोध विकसित होना चाहिए क्योंकि इससे जवाबदेही की भावना बढ़ेगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने कहा कि प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण नींव हैं तथा इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रतिभाशाली बनाने के लिए उन्हें सामान्य ज्ञान से जोड़ना जरूरी है, इससे उनका बौद्धिक विकास होगा।
बागडे ने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अब महिला और पुरुष के बीच भेद नहीं रह गया है तथा महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां आज लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने महिलाओं से अपना आत्मबल मजबूत रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे वे जीवन में निरंतर आगे बढ़ सकेंगी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और प्रामाणिकता होने पर प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी।
बागडे ने कहा कि ये जीवन से जुड़े संस्कार हैं और युवाओं को ऐसी शिक्षा से जुड़ना चाहिए, जो इन मूल्यों को विकसित करे।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना भी जरूरी है।
भाषा पृथ्वी नेत्रपाल जितेंद्र
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