नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने ‘गोल्ड फंड ऑफ फंड्स' (एफओएफ) में नये निवेश पर अस्थायी रोक को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि ये ‘‘अच्छे दिन’’ नहीं, बल्कि ‘‘आसन्न आर्थिक आपदा का ट्रेलर’’ हैं।
एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड समेत 12 से अधिक म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अपने ‘गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए निवेश पर शुक्रवार से अस्थायी रोक लगा दी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशों के बाद म्यूचुअल फंड कंपनियों ने यह कदम उठाया है। हालांकि, कंपनियों की तरफ से जारी नोटिस में रोक के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ‘‘अच्छे दिन’’, समृद्धि और प्रगति का वादा किया था, लेकिन इस धनतेरस और दिवाली पर स्थिति इसके उलट नजर आ रही है।
खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीयों को सोना नहीं खरीदने की सलाह दे रहे हैं और सोने की खरीद को हतोत्साहित करने के लिए उस पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सेबी के निर्देशों के बाद 16 अक्टूबर से कुछ निर्दिष्ट गोल्ड और गोल्ड-सिल्वर ‘फंड ऑफ फंड्स’ में नए निवेश पर रोक लगा दी गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में सोने की खरीद के सबसे बड़े त्योहार के समय सरकार को इसकी खरीद पर अंकुश लगाने के कदम उठाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने इसे मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की ‘विफलता’ करार देते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इस ‘‘शानदार ढंग से विनाशकारी उपलब्धि’’ के लिए प्रधानमंत्री को ‘‘विशेष प्रशंसा’’ मिलनी चाहिए।
खेड़ा ने कहा, ‘‘अच्छे दिन? नहीं। यह आसन्न आर्थिक आपदा का एक ‘ट्रेलर’ है।’’
भाषा हक देवेंद्र
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