पुणे, 17 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के पुणे में परिवहन विभाग की जांच के दौरान एक व्यक्ति को बिना अनुमति के बाइक टैक्सी चलाते पकड़े जाने के बाद पुलिस ने रैपिडो की मूल कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के सड़क सुरक्षा दस्ते ने शुक्रवार को रैपिडो ऐप के जरिए बाइक टैक्सी बुक कर जांच की थी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि अदालतों और नियामक संस्थाओं की ओर से अनुमति देने से इनकार किए जाने के बावजूद कंपनी अवैध रूप से सेवाएं दे रही है या नहीं।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान आरटीओ के एक अधिकारी ने रैपिडो ऐप के जरिए येरवडा से कोथरूड बस डिपो तक 13 किलोमीटर की यात्रा के लिए 179 रुपये में बाइक टैक्सी बुक की। कुछ ही देर बाद एक चालक पेट्रोल चालित दोपहिया वाहन लेकर पहुंचा, जिसका पंजीकरण गैर-परिवहन श्रेणी में था।
आरटीओ के निरीक्षकों ने तुरंत वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान जारी किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बृहस्पतिवार को पुणे के जिलाधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अध्यक्ष जितेंद्र डूडी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद की गई।
बैठक में डूडी ने रैपिडो को निर्देश दिया था कि जब तक कंपनी को ‘ई-बाइक एग्रीगेटर’ का वैध लाइसेंस नहीं मिल जाता, तब तक वह पुणे जिले में अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद रखे।
पुणे आरटीए ने इससे पहले 20 दिसंबर 2022 को कंपनी का लाइसेंस आवेदन खारिज कर दिया था।
इसके बाद रैपिडो ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन बंबई उच्च न्यायालय ने जनवरी 2023 में उसकी याचिका खारिज करते हुए ऐप के जरिए सेवाएं देना बंद करने का निर्देश दिया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने भी कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी।
कंपनी ने इस साल 11 अगस्त को एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए नया आवेदन किया था, लेकिन उसे अभी तक नियामक मंजूरी नहीं मिली है।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3) (धोखाधड़ी), मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
नेत्रपाल