अमृतसर, 16 अक्टूबर (भाषा) सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा को सिख धार्मिक संस्थाओं और हस्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को ‘तनखैया’ (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किया।
अकाल तख्त सचिवालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, लुधियाना जिले की पायल विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले गियासपुरा को 12 अक्टूबर को सचिवालय में प्रवेश नहीं दिया गया था। उस दिन आप के विधायकों और नेताओं का एक समूह सिख हस्तियों और संस्थाओं के खिलाफ उनकी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में धार्मिक संस्था पहुंचा था।
आप विधायक ने कथित तौर पर दरबार साहिब परिसर स्थित सचिवालय के बाहर मीडिया से कहा था कि उन्हें जाति के आधार पर भेदभाव का सामना करना पड़ा।
बयान में कहा गया कि अकाल तख्त के जत्थेदार के निर्देशों का पालन करते हुए आप के विधायक शुक्रवार को सचिवालय पहुंचे।
उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माना कि जत्थेदार के निर्देशों के बावजूद उन्होंने 12 अक्टूबर को मीडिया के सामने गियासपुरा के आरोपों का खंडन नहीं किया था।
उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया था कि उन्हें जाति के आधार पर किसी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा और गियासपुरा ने अनुचित टिप्पणियां की थीं।
बयान के मुताबिक, शुक्रवार को मौजूद विधायकों ने ‘गुरु साहिब’ से माफी मांगी और स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब में किसी को भी जाति, नस्ल या रंग के आधार पर आने से कभी नहीं रोका गया है।
आप के विधायकों और नेताओं ने यह भी कहा कि वे गियासपुरा की टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं और ये उनके निजी विचार हैं।
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