नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को कांग्रेस के खिलाफ विभिन्न विश्वविद्यालयों, राज्यों और महानगरों में प्रदर्शन किए। संगठन ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में बदलाव मतपत्रों से होता है, भीड़तंत्र से नहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी ने कहा कि उसने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत विभिन्न स्थानों पर ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ के आह्वान के तहत प्रदर्शन आयोजित किए।
संगठन ने कहा कि निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय समेत संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करने की राहुल गांधी और कांग्रेस-वामपंथी गठजोड़ की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जा सकता।
एबीवीपी ने कहा, ‘‘भारत में लोकतंत्र है, भीड़तंत्र नहीं। सरकारें जनादेश से बनती हैं और बदलती हैं, न कि सड़कों पर ताकत दिखाने से।’’
उसने कहा कि भारत में अराजकता और सत्ता परिवर्तन की राजनीति के लिए बांग्लादेश और नेपाल के राजनीतिक घटनाक्रमों की नकल करने की कोशिशें अस्वीकार्य हैं।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, ‘‘भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मतदान के अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। सरकारों को बदलने का अधिकार केवल जनता के पास है, जो अपने मतों के जरिए सरकारों को चुनती और बदलती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति का स्वागत है, लेकिन भीड़ के दबाव, अराजकता या संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर सरकारें बदलने की कोशिशें अस्वीकार्य हैं।’’
एबीवीपी ने कहा कि देश के युवाओं को संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए तथा लोकतांत्रिक तरीकों से अराजकता और भीड़तंत्र की राजनीति का विरोध करना चाहिए।
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