नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में प्रदर्शन किया।
संगठन ने कथित तौर पर ‘‘अराजकता की राजनीति’’ का विरोध करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मानदंडों के सम्मान का आह्वान किया।
एबीवीपी ने एक बयान में कहा कि यह प्रदर्शन ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ के नारे के तहत आयोजित किया गया।
यह प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जारी बहस के बीच हुआ।
छात्र संगठन ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की राजनीति की भी आलोचना की। उसने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को अव्यवस्था के बजाय संवाद और संवैधानिक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।
एबीवीपी की दिल्ली इकाई के सचिव सार्थक शर्मा ने कहा कि असहमति जताने का अधिकार लोकतंत्र का एक आवश्यक हिस्सा है, लेकिन इसका इस्तेमाल संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि विश्वविद्यालय लोकतांत्रिक विचारों और विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तथ्यों, तर्कों और संवैधानिक दृष्टिकोण पर आधारित होनी चाहिए।
एबीवीपी ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के महत्व और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करना था।
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राखी पवनेश
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