मेरठ, 16 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मेरठ की एक स्थानीय अदालत ने पति की हत्या कर घटना को सांप के काटने का रूप देने के मामले में शुक्रवार को मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ फैसले में मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा कि दंड का भय समाज को नियंत्रण में रखता है।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने बताया कि अदालत ने पौराणिक पात्र सावित्री का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अपने पति का जीवन बचाने के लिए यमराज से विनती की थी।
अदालत ने कहा कि पौराणिक कथाओं में पत्नी को पति का अर्धांगिनी माना जाता है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने 131 पन्नों के फैसले की शुरुआत मनुस्मृति के एक श्लोक से की, इसमें शासक के कर्तव्यों और समाज में व्यवस्था बनाए रखने के महत्व का उल्लेख किया गया है।
अदालत ने मूल श्लोक का उद्धरण देते हुए कहा, ‘‘दंड का भय समाज को नियंत्रण में रखता है। दंड के अभाव में दुष्ट लोग धर्मपरायण व्यक्तियों को अपना शिकार बनाएंगे।’’
अदालत ने फैसले में मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा कि अधर्म कभी भी धर्म पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता।
अदालत ने मामले को ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ श्रेणी का मानते हुए अमित कश्यप की हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के दोषी रविता व अमरदीप को मृत्युदंड दिया।
दोनों को सात अक्टूबर को दोषी ठहराया गया था।
अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और क्रूरता का हवाला देते हुए अधिकतम सजा देने का अनुरोध किया था।
सरकारी अधिवक्ता फरजाना मकसूद और पीड़ित पक्ष के वकील बलराज सिंह ने अभियोजन की ओर से दलीलें पेश कीं।
उन्होंने अपने पक्ष के समर्थन में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया।
पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित अपने घर में चारपाई पर मृत मिला था और उसके पास एक सांप भी था।
पुलिस ने बताया कि परिजन सांप के काटने की आशंका में अमित को मेरठ के प्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले व नाक पर चोट के निशान मिले थे और उसकी मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद अमित के भाई मोनू ने 16 अप्रैल को बहसूमा थाने में रविता और अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
रविता ने अपने तीन बच्चों के पालन-पोषण का हवाला देते हुए अदालत से सजा में नरमी बरतने का अनुरोध किया था।
पुलिस ने बताया कि रविता और अमित की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी तथा दोनों के तीन बच्चे हैं।
पुलिस के मुताबिक, अमित व अमरदीप दोस्त थे और साथ में टाइल-पत्थर लगाने का काम करते थे।
पुलिस ने बताया कि करीब आठ-नौ महीने पहले रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध बने, जिसकी जानकारी होने पर पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा।
पुलिस के मुताबिक, जांच में पाया गया था कि अमरदीप 12 अप्रैल की शाम एक सांप का इंतजाम कर उसे गांव के बाहर झाड़ियों में छिपाकर रख आया था और उसी रात अमित के सो जाने के बाद रविता ने उसे फोन कर घर बुलाया तथा दोनों आरोपियों ने साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि रविता ने अमित का मुंह दबाया और अमरदीप ने उसका गला घोंट दिया था, जिसके बाद शव के पास सांप छोड़ दिया गया।
अमित की मां मुनेश देवी ने दोषियों को मृत्युदंड देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि बेटे की मौत का सदमा उसके पिता भी बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी भी मौत हो गई थी।
अमित के भाई संदीप ने भी दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने का अनुरोध किया था।
अमित के भाई सोनू ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अगर दोषी उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में इस फैसले को चुनौती देते हैं, तो परिवार अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा।
भाषा सं आनन्द
जितेंद्र
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