नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) यस बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह मार्च, 2020 में बैंक पुनर्गठन के तहत 8,415 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टियर-1 (एटी-1) बॉन्ड बट्टे खाते में डालने के मामले में आए उच्चतम न्यायालय के फैसले की विस्तृत समीक्षा कर रहा है।
निजी क्षेत्र के बैंक ने कहा कि वह आगे की कार्रवाई के लिए सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करेगा।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को इस मामले में यस बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और केंद्र सरकार की अपील खारिज करते हुए बंबई उच्च न्यायालय के 20 जनवरी, 2023 के फैसले को बरकरार रखा था।
उच्च न्यायालय ने बैंक के 14 मार्च, 2020 के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसके तहत एटी-1 बॉन्ड बट्टे खाते में डाले गए थे। उसने कहा था कि बैंक के प्रशासक को ऐसा फैसला लेने का अधिकार नहीं था।
यस बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, “बैंक फैसले की विस्तृत समीक्षा कर रहा है। इसमें सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों और आगे उठाए जाने वाले उचित कदमों का आकलन भी शामिल है।”
बैंक ने कहा कि उसके पास पूंजी प्रबंधन के कई विकल्प उपलब्ध हैं और वह अपनी वृद्धि संबंधी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरत के अनुरूप अतिरिक्त पूंजीगत कदम उठा सकता है।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि पुनर्गठन योजना में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने की स्थिति में बैंक के प्रशासक को एटी-1 बॉन्ड बट्टे खाते में डालने का अधिकार नहीं था। पीठ ने कहा कि निवेशकों को इस तरह के अनुचित जोखिम में डालने से बचा जा सकता था।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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