मुंबई, 16 अक्टूबर (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने कहा है कि त्योहारों पर अनियंत्रित उत्सव मनाए जाने से शहरी केंद्र ‘‘जहरीली गैस के चैंबर’’ में तब्दील हो रहे हैं। अदालत ने सार्वजनिक सड़कों और गलियों में पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नील गोखले की पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गणेश चतुर्थी के दौरान सार्वजनिक सड़कों और गलियों में पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अगस्त में दिया गया उसका आदेश पूरे साल लागू रहेगा।
शुक्रवार को उपलब्ध कराए गए आदेश में अदालत ने जोर देकर कहा कि त्योहारों का जश्न सार्वजनिक स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता।
अदालत ने मुंबई, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली में वायु प्रदूषण के चिंताजनक स्तर पर चिंता जताई, खासकर मानसून के बाद के मौसम में।
इसने कहा कि मुंबई के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) हाल में 425 तक पहुंच गया था, जबकि नवंबर में दीपावली का उत्सव शुरू होना अभी बाकी है।
गणपति उत्सव के दौरान बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय ने अगस्त में स्वत: संज्ञान लेते हुए यह मामला शुरू किया और आदेश दिया। अदालत इस मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर को करेगी।
भाषा संतोष नेत्रपाल
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