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उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को 2024 के पीएचईडी मामले में जमानत दी

नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश चंद्र जोशी को राज्य के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े 2024 के एक मामले में जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने मामले के एक अन्य आरोपी मुकेश पाठक को भी जमानत प्रदान कर दी।

पीठ ने तत्कालीन पीएचईडी मंत्री जोशी और पाठक की ओर से दायर अपील स्वीकार कर ली। दोनों ने राजस्थान उच्च न्यायालय के 13 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि दोनों अपीलकर्ताओं के संबंध में जांच पूरी हो चुकी है और अभियोजन पक्ष का मामला मुख्य रूप से दस्तावेजी रिकॉर्ड तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर आधारित है।

पीठ ने कहा कि मामले का रिकॉर्ड काफी विस्तृत है, जिसमें 22 आरोपी, तीन आरोपपत्र, अभियोजन पक्ष के 124 गवाह और 20,000 पृष्ठों में फैले 192 दस्तावेज शामिल हैं।

इसने कहा, ‘‘इस न्यायालय ने बार-बार जोर देकर कहा है कि मुकदमे से पहले लंबे समय तक हिरासत को इस तरह सजा में तब्दील नहीं होने दिया जा सकता, जिससे विचाराधीन कैदी के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो।’’

इस मामले में जोशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और सिद्धार्थ अग्रवाल के साथ अधिवक्ता विवेक जैन पेश हुए।

मामले में आरोप राजस्थान के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा ‘जल जीवन मिशन’ के तहत जारी निविदाओं में अनियमितताओं से संबंधित हैं।

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल