श्रीनगर, 16 अक्टूबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर सरकार ने अधिकारियों के लिए शुक्रवार को दिशानिर्देश जारी किए, जिनमें प्रशासन के सभी स्तर पर मर्यादा बनाए रखने और आधिकारिक बातचीत के दौरान शिष्टाचार, संयम, गरिमा तथा आपसी सम्मान सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह कदम एक दिन पहले एक आईएएस अधिकारी द्वारा महिला अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद उठाया गया है।
सरकार ने इन निर्देशों के साथ एक परिपत्र जारी किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी कुमार राजीव रंजन के जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) की महिला अधिकारी बीनिश वानी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश करने की धमकी देने के बाद विवाद शुरू हो गया।
मिशन युवा की समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की भूमिका को लेकर रंजन और सहायक निदेशक वानी के बीच तीखी बहस हुई थी। इस बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए।
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकारी कर्मचारी (आचरण) नियम, 1971 के नियम तीन और सेवा से संबंधित अन्य प्रावधानों के तहत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सत्यनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और लोक सेवक के अनुरूप आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखें।
सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, अधीनस्थ कर्मचारियों और आम जनता के साथ बातचीत में पेशेवर रवैया, शिष्टाचार और आपसी सम्मान बनाए रखें।
इसमें कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आधिकारिक बातचीत के दौरान शिष्टाचार, संयम, गरिमा और आपसी सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए।
भाषा आशीष पवनेश
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