देहरादून, 16 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई ने चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका का खुलासा करने की मांग के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में शुक्रवार को यहां बाइक और स्कूटर रैली निकाली।
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
रैली में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश पार्टी चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत शामिल थे।
सैलजा ने इस मौके पर आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में जिस ‘वीआईपी’ का नाम सामने आया है और जिसके संबंध में ऑडियो भाजपा के ही लोगों ने प्रसारित किए थे, उस दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाकर बचाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार की बेशर्मी देखिए कि उसी व्यक्ति को कानूनी संरक्षण देना चाहती है और उसे लोक भवन में बैठाना चाहती है। उत्तराखंड के लोग इस अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
सैलजा ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की अस्मिता के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
प्रदेश प्रभारी ने कहा, “हम न चैन से बैठेंगे, न यहां की जनता चैन से बैठेगी। महिलाओं और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने रैली में शामिल होकर दिखा दिया है कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय मिलना चाहिए।”
ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पिछले साल दिसंबर में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत के ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर विवाद फिर तेज हो गया था।
कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
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