नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी सीबीआरई ने शुक्रवार को कहा कि भारत को अस्पतालों में बिस्तरों की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए 2035 तक स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी अचल संपत्ति के क्षेत्र में 2.6 अरब वर्ग फुट क्षेत्र अतिरिक्त निर्माण की जरूरत होगी।
सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की ‘बियॉन्ड कोर: ए 2035 व्यू ऑफ इंडियाज अल्टरनेटिव सेक्टर्स’ रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 29 लाख अतिरिक्त अस्पताल बिस्तरों की जरूरत को देखते हुए भारत में 2035 तक स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी अचल संपत्ति के क्षेत्र में 2.6 अरब वर्ग फुट अतिरिक्त निर्माण की आवश्यकता होने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में प्रति 1,000 लोगों पर लगभग 1.6 अस्पताल बिस्तर हैं, जो 3.3 बिस्तरों के वैश्विक औसत से काफी कम है। देश में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी अचल संपत्ति का कुल क्षेत्रफल 2025 में अनुमानित 2.1 अरब वर्ग फुट था। मांग पूरी करने के लिए इसमें उल्लेखनीय विस्तार करना होगा।
सलाहकार कंपनी ने कहा कि अस्पतालों में बिस्तरों की अतिरिक्त जरूरत से रियल एस्टेट डेवलपरों, निवेशकों और स्वास्थ्य सेवा संचालकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड में बीमारी के बोझ की तुलना में अस्पतालों में बिस्तरों का घनत्व कम है। यह इन राज्यों में द्वितीयक एवं तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की अधूरी मांग का संकेत देता है।
इसके उलट, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में स्वास्थ्य ढांचा अपेक्षाकृत बेहतर है और परिवारों की आय भी अधिक है।
सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका खंड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अंशुमान मैगजीन ने कहा, 'स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रियल एस्टेट के अवसर केवल इलाज की बढ़ती मांग के कारण नहीं, बल्कि देश में व्यापक और अधिक क्षेत्रों तक फैले स्वास्थ्य ढांचे की जरूरत के कारण भी बढ़ रहे हैं।'
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