कोलकाता, 16 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस द्वारा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेता अभिजीत दीपके को एहतियातन हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘अघोषित आपातकाल से कम नहीं’’ है।
राष्ट्रीय राजधानी में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे दीपके और आइसा प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया गया।
बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? भारतीय राष्ट्रीय ध्वज थामने के कारण अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया है। ज़रा इस बात पर गौर करें। आज़ाद भारत में, हमारे युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “यह किसी अघोषित आपातकाल से कम नहीं है। असहमति से डरने वाली सरकार अब पूरी पीढ़ी को चुप कराने की कोशिश कर रही है। यह एक फासीवादी शासन का आचरण है जो उस आवाज को बर्दाश्त नहीं कर सकता जिसे वह नियंत्रित नहीं कर सकता।”
सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया।
बनर्जी ने कहा, ‘‘अभिजीत, आशुतोष, सौरव (कॉजपा नेता) - आप भारत के युवाओं के साहस, अंतरात्मा और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। आप किसी पूरी पीढ़ी की आवाज दबाकर उसे चुप नहीं करा सकते। आपकी दीदी मजबूती से आपके साथ खड़ी है। डराना-धमकाना, हिरासत में लेना या सत्ता का दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को नहीं कुचल सकता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जागो, भारत! लोकतंत्र, आजादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए लड़ाई जारी रहेगी।’’
भाषा नेत्रपाल देवेंद्र
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