नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कहा कि ‘असहमति पर अंकुश लगाने’ और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जारी प्रदर्शन भारत के ‘‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन से कम नहीं’’ हैं।
भट्टाचार्य ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लोग पहले अपने मताधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे और अब उन्हें विरोध-प्रदर्शन के अपने अधिकार के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
भाकपा (माले) लिबरेशन के नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने (सरकार) वोट चोरी शुरू की। हम अपने मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए बाहर निकले। उन्होंने विरोध-प्रदर्शन के हमारे अधिकार पर अंकुश लगाना शुरू किया। हम अपने विरोध के अधिकार के लिए लड़ने सड़कों पर उतरे।’’
जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जाने का उल्लेख करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि इसके जवाब में लोग हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरें।
उन्होंने दावा किया, ‘‘अब तिरंगा लहराने के लिए युवा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।’’
भट्टाचार्य ने लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि इसमें ‘‘न कोई विराम है, न थकान और न ही पीछे हटना है।’’
भाषा हक रंजन
रंजन