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भुवनेश्वर : एम्स में स्तन स्व-जांच (बीएसई) बूथ का उद्घाटन

भुवनेश्वर, 16 अक्टूबर (भाषा) स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में स्तन स्व-जांच (बीएसई) बूथ का उद्घाटन किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने इस बूथ का उद्घाटन किया। संस्थान के मुताबिक, स्तन स्व-जांच के लिए अपनी तरह का यह भारत का पहला बूथ है।

बिस्वास ने कहा कि स्तन कैंसर के उपचार के परिणामों को बेहतर बनाने में बीमारी का शुरुआती चरण में पता चलना अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने जागरूकता, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और स्तन स्व-जांच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को स्तन में असामान्य बदलावों को पहचानने और बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेने में मदद मिलती है।

संस्थान ने बताया कि नए उद्घाटित पोर्टेबल बीएसई बूथ में महिलाओं को स्तन स्व-जांच करने के तरीके सीखने के लिए एक निजी स्थान उपलब्ध कराया गया है। बूथ की दीवारों पर आसान निर्देश प्रदर्शित किए गए हैं, जिनकी मदद से महिलाएं जांच की प्रक्रिया सीख सकती हैं।

संस्थान ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य झिझक दूर करना, स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को स्तन में किसी भी असामान्य बदलाव का पता चलने पर तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभाग ने निकट भविष्य में एक स्थायी बूथ स्थापित करने की भी योजना बनाई है।

स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों को रेखांकित करते हुए मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर सौरव कुमार मिश्रा ने कहा कि विभाग की स्थापना चार साल पहले होने के बाद से अब तक लगभग 1,000 स्तन कैंसर मरीजों का इलाज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हर महीने करीब 100 मरीज विभाग में आते हैं।

उन्होंने बीमारी के उन्नत चरण में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की बड़ी संख्या और कम उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये रुझान लगातार जागरूकता अभियान चलाने, बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने और समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

समग्र कैंसर देखभाल के महत्व पर जोर देते हुए विभाग ने तनाव से निपटने, भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर बनाने और उपचार का बेहतर तरीके से सामना करने में मरीजों की मदद के लिए योग, ध्यान, नियमित व्यायाम, संगीत और आराम देने वाली तकनीकों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

हर साल अक्टूबर में दुनियाभर में मनाए जाने वाले स्तन कैंसर जागरूकता माह का उद्देश्य स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने और समय पर उपचार को बढ़ावा देने तथा मरीजों और बीमारी से उबर चुके लोगों को मिलने वाले सहयोग को मजबूत करना है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश