न्यूयॉर्क, 16 अक्टूबर (एपी) अमेरिका बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बंद पड़े तीन परमाणु बिजली संयंत्रों को फिर से चालू करने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी ऊर्जा विभाग मिशिगन स्थित पैलिसेड्स बिजली संयंत्र, पेनसिल्वेनिया स्थित क्रेन क्लीन ऊर्जा केंद्र और आयोवा के डुआने अर्नोल्ड ऊर्जा केंद्र को फिर से चालू करने के लिए 4.4 अरब अमेरिकी डॉलर तक का ऋण दे रहा है।
इन तीनों संयंत्रों को दोबारा चालू करने से कुल 2.25 गीगावाट बिजली उपलब्ध होगी, जिससे लगभग 20 लाख घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बिजली दी जा सकती है।
इन तीनों संयंत्रों के लाइसेंस की अवधि समाप्त होने से पहले ही इन्हें बंद कर दिया गया था। इसका प्रमुख कारण यह था कि इनसे उत्पादित बिजली को काफी महंगा माना जाता था।
इनमें से दो संयंत्रों ने बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ समझौते किए हैं। ये कंपनियां अपने डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में कार्बन-मुक्त ऊर्जा हासिल करने के वास्ते अधिक कीमत चुकाने को तैयार हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन कृत्रिम मेधा (एआई) और विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, सरकार मौजूदा परमाणु बिजली संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने और उनसे अधिक बिजली उत्पादन करने के लिए उन्नयन कार्यों पर अरबों डॉलर का ऋण भी दे रही है।
परमाणु इंजीनियरिंग विशेषज्ञ टॉड एलन ने कहा कि किसी संयंत्र को दोबारा चालू करना अपेक्षाकृत कम समय में बड़ी मात्रा में बिजली उपलब्ध कराने का एक बेहतर तरीका है और यह नया बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने की तुलना में किफायती भी है।
एपी शफीक संतोष
संतोष