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गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘आप’ विधायक चैतर वसावा को एक दिन की अस्थायी जमानत दी

सूरत, 16 अक्टूबर (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी (आप) के जेल में बंद विधायक चैतर वसावा को शुक्रवार को एक दिन की अस्थायी जमानत दे दी।

उनके सौतेले भाई को आत्महत्या की कोशिश के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उनके परिजनों ने बताया कि डेडियापाड़ा (सुरक्षित) सीट से विधायक वसावा के सौतेले भाई शांतिलाल वसावा (35) ने 12 अक्टूबर को तापी जिले के सोनगढ़ स्थित अपने घर पर जहर खा लिया था और उन्हें सूरत के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उनके रिश्तेदार अश्मित गामित ने दावा किया कि मारपीट और जबरन वसूली के एक मामले में विधायक को सात साल की जेल की सजा सुनाये जाने के बाद से शांतिलाल मानसिक रूप से परेशान थे।

उच्च न्यायालय ने चैतर वसावा को शांतिलाल की देखभाल के लिए अस्पताल जाने की अनुमति देते हुए एक दिन की जमानत दे दी।

न्यू सिविल अस्पताल की प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक पारुल वडगामा ने बताया कि शांतिलाल का इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत गंभीर है।

विधायक ने भरूच जिले के ‘बालहंस कॉलेज ऑफ सोशल वर्क’ द्वारा आयोजित मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने के लिए उच्च न्यायालय से 30 दिन की जमानत देने का अनुरोध किया था।

हालांकि, जब शुक्रवार को सुनवाई के लिए मामला आया, तो उनके वकील ने कहा कि वह उस याचिका पर जोर नहीं दे रहे हैं, बल्कि आत्महत्या के प्रयास के बाद अपने सौतेले भाई की देखभाल करने के लिए 30 दिन की जमानत का अनुरोध कर रहे हैं।

चैतर वसावा, उनकी पत्नी शकुंतला और अन्य लोगों के खिलाफ नवंबर 2023 में जबरन वसूली और मारपीट के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने जमीन पर अतिक्रमण के एक मामले के सिलसिले में वन विभाग के एक अधिकारी को बुलाया, उसे धमकाया और उसके साथ मारपीट की।

नर्मदा जिले के राजपीपला स्थित एक अदालत ने इस मामले में विधायक, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी।

भाषा देवेंद्र नरेश

नरेश