मुंबई, 16 अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को मुंबई के आजाद मैदान में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई 'बर्बरता' के लिए जवाबदेही की मांग की।
वहां मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि नरेन्द्र मोदी नीत केंद्र सरकार महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
कॉजपा के कई समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने कॉजपा को आजाद मैदान में 'लहरा दो तिरंगा' रैली आयोजित करने की अनुमति दी थी।
यह प्रदर्शन कॉजपा नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया था जिन्हें राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर में प्रवेश करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने के बाद बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
ये गिरफ्तारियां केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल का दर्जा वापस लेने के एक दिन बाद हुई थीं।
आजाद मैदान में प्रदर्शन से पहले, अधिकारियों ने मैदान और पास के छत्रपति शिवाजी महाराज मेट्रो स्टेशन के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था।
भाषा सुमित नरेश
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