इंदौर, 16 अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस के छापों के बाद एक प्रधान आरक्षक, उसके परिजनों, सहयोगियों और उनकी कंपनियों के नाम पर 35.46 करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य वाली 38 अचल संपत्तियां मिली हैं। लोकायुक्त पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान ने बताया कि इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में चालक के तौर पर पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह लंबे समय से कर्तव्य से अनुपस्थित हैं और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का कथित रौब झाड़कर विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के बाद खान और उनकी करीबी सहयोगी रोशनी वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
डीएसपी ने बताया कि बुधवार को इंदौर और देवास जिलों में प्रधान आरक्षक, उनके परिजनों, सहयोगियों एवं कंपनियों के ठिकानों पर छापे मारे गए।
तालान ने बताया,‘‘अब तक की जांच में पता चला है कि प्रधान आरक्षक ने स्वयं, अपने परिजनों, सहयोगियों और निजी कंपनियों के नाम पर 38 अचल संपत्तियां खरीदी हैं। इनमें अलग-अलग स्थानों पर मकान, कृषि भूमि और आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं।’’
उन्होंने बताया कि सरकारी दरों के मुताबिक इन संपत्तियों का कुल मूल्य 12.97 करोड़ रुपये है, जबकि वर्तमान बाजार दरों के आधार पर इनकी अनुमानित कीमत 35.46 करोड़ रुपये है।
डीएसपी ने बताया कि पुलिस विभाग में खान के 24 साल के सेवाकाल के दौरान वेतन से उनकी कमाई करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है और अन्य स्रोतों से हुई कमाई जोड़ने पर उनकी कुल वैध आय लगभग 1.94 करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया कि प्रधान आरक्षक और उसके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों को लेकर लोकायुक्त पुलिस की विस्तृत जांच जारी है।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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