नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमलों, उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने और आत्महत्या के मामलों में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
केंद्र सरकार ने गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव और मानसा में हुए हमलों तथा संगरूर में आत्महत्या के एक मामले का संज्ञान लिया है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, बृहस्पतिवार रात गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर हुआ हमला कथित तौर पर नशीले पदार्थों से जुड़ा था।
मंत्रालय ने मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या और नशे की लत से पीड़ित एक व्यक्ति के पिता गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या के मामले का भी संज्ञान लिया है।
केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का हवाला देते हुए पंजाब सरकार से इन मामलों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
इसके अलावा, केंद्र ने राज्य सरकार से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ साझा किए गए नारकोटिक्स नियंत्रण संबंधी दृष्टिपत्र (2026-2029) के संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले का उल्लेख करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि आत्महत्या जैसा कदम उठाने से पहले उन्होंने अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर सवाल उठाए थे और पंजाब के एक मंत्री पर आरोप लगाए थे।
मंत्रालय ने कहा, ''यह भी आरोप लगाया गया है कि गुलजार सिंह को स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा प्रताड़ित किया गया और उन पर दबाव बनाया गया। आरोप है कि इसी वजह से उन्होंने अपनी जान दे दी।''
भाषा रंजन अविनाश
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