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कोयंबटूर में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने पेरियार ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया

(फाइल फोटो के साथ)

कोयंबटूर, 16 अक्टूबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को यहां एक ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया और बारिश के बावजूद समर्थकों की जबर्दस्त उपस्थिति में रोडशो किया लेकिन उन्हें खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर से केरल के त्रिशूर जाने का अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

उन्होंने यहां गांधीपुरम में डॉ. नंजप्पा रोड पर सात एकड़ क्षेत्र में फैले ‘पेरियार अरिवुलगम’ और विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। इसका नाम ई वी रामासामी के नाम पर रखा गया है। द्रविड़ आंदोलन के शीर्ष नेता रामासामी को सम्मानपूर्वक ‘पेरियार’ कहा जाता है।

विजय को खराब मौसम और भारी बारिश के कारण त्रिशूर की अपनी यात्रा योजना रद्द करनी पड़ी, जहां उन्हें एक निजी कार्यक्रम में शामिल होना था। यहां आधिकारिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के जाने के लिए एक निजी हेलीकॉप्टर तैयार रखा गया था, लेकिन भारी बारिश की वजह से उन्हें मौसम ठीक होने तक शहर में ही रुकना पड़ा और अंततः वह चेन्नई लौट गए।

मई में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की कोयंबटूर की यह पहली सरकारी यात्रा थी। शहर में मूसलाधार बारिश के बावजूद टीवीके कार्यकर्ताओं, प्रशंसकों और स्थानीय निवासियों ने उनकी एक झलक पाने के लिए इंतजार किया।

मुख्यमंत्री विजय विशेष विमान से चेन्नई से यहां पहुंचे। उन्होंने कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गांधीपुरम स्थित कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए अविनाशी मार्ग पर करीब 11.4 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ थी जिनका उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

तीन सौ करोड़ रुपये की 'पेरियार अरिवुलगम एंड साइंस सेंटर' की परिकल्पना पिछली द्रमुक सरकार ने की थी और इसे एक ज्ञान केंद्र के रूप में शुरू किया था। समाज सुधारक 'पेरियार' रामासामी के नाम पर निर्मित यह 8-मंजिला इमारत शिक्षा, वैज्ञानिक अध्ययन और शोध के केंद्र के रूप में काम करेगी।

इस केंद्र के औपचारिक उद्घाटन से कुछ घंटे पहले द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि यह परियोजना उनकी ‘द्रविड़ मॉडल सरकार’ की परिकल्पना थी।

स्टालिन ने कहा, ‘‘इससे क्या फर्क पड़ता है कि इसका उद्घाटन कौन करता है? क्या गर्व उद्घाटन करने में है? असली गर्व कुछ अनूठा सोचने और उसे साकार करने में है। यह गर्व हमेशा द्रमुक का रहेगा।’’

विजय का स्वागत करने के लिए उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ जुटी। पुलिस ने पीलामेडु, अविनाशी रोड और गांधीपुरम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे मार्ग पर ड्रोन उड़ाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया था।

मुख्यमंत्री बाद में डॉ. नंजप्पा रोड स्थित पेरियार अरिवुलगम परिसर पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

उन्होंने परिसर में पेरियार की एक विशाल प्रतिमा का अनावरण किया और पेरियार अरिवुलगम एवं विज्ञान केंद्र का उद्घाटन भी किया।

विजय ने विज्ञान केंद्र, डिजिटल पुस्तकालय और तारामंडल का दौरा किया। उन्होंने परिसर की दूसरी मंजिल पर स्थानीय निगम स्कूलों के विद्यार्थियों से बातचीत भी की।

इस परियोजना की आधारशिला 6 नवंबर, 2024 को स्टालिन द्वारा रखी गई थी।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश