कोलकाता, 16 अक्टूबर (भाषा) भारत की आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मध्य कोलकाता के मोहम्मद अली पार्क के युवा संगठन द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा में प्राचीन राम मंदिर की स्थापत्य कला की प्रतिकृति मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इसमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों को बारीकी से दर्शाया गया है।
‘प्राचीन राम मंदिर’ विषय पर आधारित यह पूजा पंडाल भगवान राम को समर्पित पारंपरिक मंदिरों की भव्य स्थापत्य शैली से प्रेरित है। इसके जरिए शिल्पकला, पारंपरिक कलाओं और विस्तृत प्रकाश सज्जा के माध्यम से भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।
संगठन के महासचिव सुरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि इस विषय को चुनने का उद्देश्य दुर्गा पूजा की पारंपरिक भावना को बनाए रखते हुए भारत की स्थापत्य विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को प्रमुखता से सामने लाना है।
यह पंडाल कलाकार चिरंजीब की देखरेख में तैयार किया गया है। इसके निर्माण में मुख्य रूप से प्लाईवुड और बांस का इस्तेमाल किया गया है।
इस संरचना में महाकाव्य रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों और भगवान राम के जीवन से जुड़ी घटनाओं को दर्शाया गया है, ताकि यहां आने वाले लोगों को भारत की पौराणिक परंपराओं की झलक मिल सके।
शर्मा ने बताया कि कलाकार कुश बेरा द्वारा बनाई गई दुर्गा प्रतिमा को पारंपरिक पत्थर जैसी रंगत और संगमरमर जैसी चमक दी गई है। यह प्राचीन मंदिरों में मिलने वाली मूर्तियों की याद दिलाती है।
कलाकार गणेश मंडल ने पंडाल की स्थापत्य संबंधी बारीकियों को उभारने और उसके वातावरण को आकर्षक बनाने के लिए विस्तृत प्रकाश सज्जा तैयार की है।
इस पंडाल का उद्घाटन 14 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तापस राय, पूर्व पार्षद मीना देवी पुरोहित और सामाजिक कार्यकर्ता बिनय दुबे समेत अन्य लोगों की मौजूदगी में किया गया।
वर्ष 1969 में स्थापित मोहम्मद अली पार्क की यूथ एसोसिएशन मध्य कोलकाता की प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजक समितियों में से एक है। इसके पूजा पंडाल में हर साल लाखों लोग आते हैं।
भाषा राखी नरेश
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