श्रीनगर, 16 अक्टूबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी कुमार राजीव रंजन द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) की एक महिला अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार मामले की शुक्रवार को गहन जांच के आदेश दिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी घटना का स्वत: संज्ञान लिया।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, 2004 बैच की आईएएस अधिकारी और आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त-सचिव मंदीप कौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उन्हें आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। आदेश के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव अमित वरमानी को इस मामले में ‘प्रस्तुतकर्ता अधिकारी’ नियुक्त किया गया है।
श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव रंजन इस सप्ताह की शुरुआत में एक समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका को लेकर गांदरबल की सहायक निदेशक (रोजगार) बीनिश वानी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के बाद विवादों में घिर गए।
वर्ष 2015 बैच की जेकेएएस अधिकारी वानी 13 अक्टूबर से छुट्टी पर थीं, लेकिन रंजन ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल होने को कहा था।
दोनों अधिकारियों के बीच तीखी बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने इसकी निंदा की।
एनसीडब्ल्यू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसने वीडियो का स्वत: संज्ञान लिया है। वीडियो में कथित तौर पर रंजन कनिष्ठ अधिकारी के साथ ‘‘गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार और धमकी’’ देते नजर आ रहे हैं।
आयोग ने कहा कि एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वीडियो की सत्यता की जांच कराने, मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपों की पुष्टि होने पर उचित अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
आयोग ने अधिकारी की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के साथ ही कार्यस्थल पर उत्पीड़न, प्रताड़ना और पेशेवर स्तर पर बदले की कार्रवाई रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की भी मांग की है।
एनसीडब्ल्यू ने सात दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है। आयोग ने कहा कि हर महिला अधिकारी को सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल पाने का अधिकार है।
रंजन पहले भी विवादों में रह चुके हैं।
वर्ष 2020 में कुपवाड़ा के उपायुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में हथियार लाइसेंस जारी करने से जुड़े मामले में कथित संलिप्तता को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रंजन को गिरफ्तार किया था। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था, लेकिन 2021 में बहाल कर दिया गया।
भाषा आशीष नरेश
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