नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को शिकागो के उपनगर ऑरोरा में पिछले हफ्ते एक मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश का हवाला देते हुए अमेरिकी प्रशासन से हिंदू-विरोधी हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटना को ‘अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका में हिंदुओं, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
ये टिप्पणियां 11 अक्टूबर को पैलेटाइन के 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस की गिरफ्तारी के बाद आई हैं। पैपोराकिस पर ऑरोरा इलाके के एक मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी (मास शूटिंग) करने की साजिश रचने का आरोप है। यह हमला नाकाम हो गया क्योंकि मंदिर के बाहर उसकी राइफल जाम हो गई थी।
बंसल ने लिखा, ‘‘अमेरिका में हिंदू समुदाय और उनके पावन उपासना स्थलों पर लगातार हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन आखिर कब जागेगा? स्वामी विवेकानंद से जुड़े ऐतिहासिक शहर शिकागो के पास एक हिंदू मंदिर में गोलीबारी की खतरनाक कोशिश अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में हिंदुओं, मंदिरों, धार्मिक प्रतीकों और हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर हो रही घटनाओं का लगातार बढ़ना बेहद चिंताजनक है।’’
बंसल ने आरोप लगाया कि यह घटना कोई तोड़फोड़ या सामान्य हमला नहीं थी, बल्कि इसके पीछे ‘हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती नस्लीय नफरत और हिंसक विचारधारा से प्रेरित होकर, एक सुनियोजित तरीके से बड़े पैमाने पर नरसंहार करने की साजिश’ शामिल थी।
उन्होंने कहा कि खबरों के अनुसार, जांच में नस्लवादी और श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़ी सामग्री भी मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय की सबसे बड़ी ज़रूरत यह है कि अमेरिकी प्रशासन जागे, ‘यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम' कोई कदम उठाए और संयुक्त राष्ट्र तथा 'संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद भी आगे आएं। हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और पूरे अमेरिका में हिंदू-विरोधी हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति लागू की जानी चाहिए।’’
उन्होंने इस मामले पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया की तारीफ की, जबकि इन घटनाओं पर कथित चुप्पी को लेकर देश के विपक्षी दलों की आलोचना की।
भाषा
राजकुमार संतोष
संतोष