जयपुर, 16 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सक के रूप में पंजीकरण कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक निजी अस्पताल का मालिक भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीकर निवासी पंकज यादव (30) और जालौर जिले के रानीवाड़ा स्थित भास्कर अस्पताल के मालिक नानजी राम चौधरी के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, यादव ने 2013 से 2018 के बीच कजाखस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई की, लेकिन छह बार प्रयास करने के बावजूद वह विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) पास नहीं कर सका।
पुलिस ने बताया कि यादव ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के लिए बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज की फर्जी एमबीबीएस डिग्री और अंकतालिकाएं बनवाईं।
पुलिस के मुताबिक, बिहार मेडिकल काउंसिल का फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र भी तैयार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए और यादव को हरियाणा के कैथल से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, चौधरी पर कानपुर की रामा यूनिवर्सिटी की कथित एमबीबीएस डिग्री और मुंबई के कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स का स्त्री रोग संबंधी डिप्लोमा हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पंजीयक की शिकायत पर अक्टूबर 2024 में दर्ज मामला बाद में एसओजी को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के फर्जी पंजीकरण रद्द कर दिए गए और उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
जितेंद्र