नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को निर्देश दिया है कि वह 70 एकड़ में फैले गाजीपुर लैंडफिल के पास भूजल की जांच के लिए अपनी प्रयोगशाला और उपलब्ध उपकरणों का विवरण प्रस्तुत करे।
अधिकरण पूर्वी दिल्ली में 21 अप्रैल, 2024 को लैंडफिल में लगी भीषण आग से संबंधित एक समाचार पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा था।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने 13 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि अधिकरण ने पहले डीपीसीसी को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रावधानों के तहत लैंडफिल के आसपास के भूजल का विश्लेषण करने का निर्देश दिया था।
अधिकरण ने पहले कहा था, ‘‘नियमों के अनुसार गाजीपुर स्थल के आसपास निर्धारित दायरे में कम से कम 20 अलग-अलग स्थानों से नमूने लिए जाएं और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाकर 1.5 किलोमीटर की परिधि तक किया जाए। नमूनों के विश्लेषण की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।’’
पिछले मंगलवार को सुनवाई के दौरान डीपीसीसी के वकील ने कहा कि समिति के पास जांच के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इन्हें खरीदने के लिए निविदा जारी की गई है।
अपने आदेश में एनजीटी ने कहा, ‘‘डीपीसीसी के पास पूरी तरह सुसज्जित प्रयोगशाला होने की अपेक्षा है। इसलिए हम डीपीसीसी के सदस्य सचिव को निर्देश देते हैं कि वह अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित हों और प्रयोगशाला की स्थिति तथा उपलब्ध उपकरणों का विवरण दें।’’
इस मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
भाषा शफीक संतोष
संतोष