मुंबई, 16 अक्टूबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में कथित हेरफेर से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत शुक्रवार को महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह दावा किया गया है कि अप्रैल 2023 और मार्च 2024 के बीच, दो कंपनियों ने (जिनमें से एक महाराष्ट्र और दूसरी गुजरात में स्थित है) चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और परिवर्तनीय वारंट जारी किए थे, और इन शेयर के लिए भुगतान की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा आपस में जुड़े व्यक्तियों, फर्मों और कर्जदाताओं के एक छोटे से दायरे से आया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि शेयर की कीमतों को लगातार बढ़ाया गया, जबकि शेयर काफी हद तक उन्हीं लोगों के पास बने रहे।
ईडी का अनुमान है कि एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि उनके पास ऐसे शेयर रह गए जिन्हें बेचा नहीं जा सकता था।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में दोनों कंपनियों के प्रवर्तकों के आवासों की तलाशी ली।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कम कीमत पर शेयर आवंटित किए गए थे, उनके ठिकानों, ‘स्टॉक-ब्रोकिंग’ और वित्तीय फर्मों के कार्यालयों, तथा उन लोगों के परिसरों पर भी छापेमारी की गई, जिन पर कुछ प्रचार संबंधी व्हाट्सऐप ग्रुप चलाने का संदेह था।
भाषा नेत्रपाल शफीक
शफीक