पटना, 16 अक्टूबर (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अयोध्या में राम मंदिर को लेकर हालिया टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘अहंकार’ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘देवता के रूप में पेश करने’ की कोशिश को दर्शाती है। बांकीपुर से विधायक किशोर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य राजनेताओं के हाल में उच्चतम न्यायालय तक मार्च करने का भी समर्थन किया।
उन्होंने दावा किया कि लोगों का निर्वाचन आयोग पर से विश्वास उठ गया है और न्यायपालिका के पहले के हस्तक्षेप भी उनकी चिंताओं को दूर करने में सफल नहीं रहे हैं।
किशोर ने बृहस्पतिवार देर रात बिहटा के पास पत्रकारों से कहा, ‘‘हाल में सम्राट चौधरी ने कहा कि भगवान राम 400 साल तक तंबू में रहे और मोदी ने देश के गरीबों को घर दिए, और तो और भगवान को भी रहने के लिए जगह दे दी। यह अहंकार नहीं तो और क्या है?’’
चौधरी ने यह टिप्पणी इस सप्ताह की शुरुआत में एक समारोह में की थी।
यह समारोह निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और शिक्षा जैसी लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में विफल रही है, इसके बावजूद भाजपा में मोदी को देवता के रूप में पेश करने और यह दावा करने का साहस है कि उन्होंने भगवान राम को भी घर दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले अपनी एक रैली में भगवान हनुमान का वेश धारण किए एक व्यक्ति से नृत्य करवाया था।
किशोर ने कहा कि भाजपा के इस अहंकार पर अंकुश लगाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बिहार में अगले सप्ताह होने वाले विधान परिषद की आठ सीट पर चुनाव इसके लिए अच्छा अवसर हैं।
जन सुराज पार्टी के प्रमुख ने दावा किया कि अगर लोग उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देते हैं, तो पार्टी अपने वादों को पूरा करने की बेहतर स्थिति में होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों की हार सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए सबक होगी। इससे उसे लोकसभा चुनाव से पहले अपनी कमियों को दूर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।’’
भाषा कैलाश जितेंद्र
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