नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने से 23 लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार होटल मालिक की अंतरिम जमानत चिकित्सकीय आधार पर छह सप्ताह के लिए बढ़ा दी है।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता, जिन्होंने पहले चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी थी, ने लवकेश बजाज की चिकित्सकीय रिपोर्ट और ऑपरेशन के बाद की जटिलताओं पर विचार करते हुए चिकित्सकीय आधार पर यह राहत दी है।
बजाज (59) की 31 अगस्त को पेट की एक सर्जरी हुई थी और उन्हें 15 सितंबर को ही अस्पताल से छुट्टी दी गई थी, लेकिन अक्टूबर में उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अदालत ने बृहस्पतिवार को दिए एक आदेश में कहा, ‘‘परिस्थितियों, ऑपरेशन के बाद की जटिलताओं और चिकित्सकीय रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए आवेदक/याचिकाकर्ता को 21 सितंबर 2026 के आदेश द्वारा दी गई अंतरिम जमानत की अवधि इसकी समाप्ति की तारीख से छह सप्ताह के लिए बढ़ाई जाती है।’’
अदालत ने मामले के जांच अधिकारी को आरोपी द्वारा प्रस्तुत चिकित्सकीय दस्तावेजों को सत्यापित करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि यदि कोई भी दस्तावेज फर्जी पाया जाता है या उसकी (आरोपी) स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया पाया जाता है, तो राज्य (अभियोजन पक्ष) अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग के लिए आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र होगा।
अदालत ने बजाज को बढ़ी हुई अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर कारागार अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
बजाज ने ऑपरेशन के बाद की जटिलताओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत बढ़ाने का अनुरोध किया था। हालांकि, सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए इस याचिका का विरोध किया।
बजाज को तीन जून को हौज रानी स्थित पांच मंजिला ‘फ्लरिश स्टे’ बी एंड बी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) में हुए अग्निकांड में आरोपी बनाया गया है। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 24 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
भाषा सुमित शफीक
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