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विधान परिषद चुनाव शुक्रवार को कराने से मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी कम होगी: प्रशांत किशोर

जमुई, 16 अक्टूबर (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में विधान परिषद की आठ सीट पर होने वाले चुनाव शुक्रवार को कराना ‘मुस्लिम मतदाताओं की न्यूनतम भागीदारी’ सुनिश्चित करने की कोशिश है। बांकीपुर से विधायक किशोर ने संवाददाताओं से बातचीत में 23 अक्टूबर को मतदान कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि मतदान शुक्रवार को रखा गया है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र दिन माना जाता है और इस दिन समुदाय के लोग बड़ी संख्या में नमाज अदा करते हैं।

किशोर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान पर भी पलटवार किया।

सिंह ने कहा था कि दिल्ली में प्रदर्शन का उद्देश्य ‘बांग्लादेश की तरह सत्ता परिवर्तन’ करना है।

किशोर ने सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राजनाथ सिंह क्या कहते हैं, इसमें मेरी ज्यादा दिलचस्पी नहीं है। न ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भविष्य में मेरी कोई खास दिलचस्पी है, जिनके इस्तीफे की मांग प्रदर्शनकारी कर रहे हैं। लेकिन मैं कई बार कह चुका हूं कि पिछले आठ से 10 वर्षों में निर्वाचन आयोग ने एक संस्था के रूप में अपनी विश्वसनीयता खो दी है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि लोग सड़कों पर इसलिए उतर रहे हैं, क्योंकि निर्वाचन आयोग लंबे समय से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति पक्षपातपूर्ण दिखाई दे रहा है।

किशोर ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने और चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू करने जैसे कदमों से भी यही संकेत मिला है।

उन्होंने कहा, “आजकल चुनाव कार्यक्रम भी इस तरह बनाए जाते प्रतीत होते हैं कि भाजपा को फायदा मिले। विधान परिषद का आगामी चुनाव इसका उदाहरण हैं। ये चुनाव शुक्रवार को क्यों कराए जा रहे हैं, रविवार को क्यों नहीं? क्योंकि इससे मुस्लिम मतदाताओं की न्यूनतम भागीदारी सुनिश्चित होगी।”

किशोर ने दावा किया कि पहले विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव, जिनमें संबंधित क्षेत्र के शिक्षक और स्नातक मतदान करते हैं, रविवार को कराए जाते थे ताकि मतदान में अच्छी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि इसी तरह बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के 28 दिनों के भीतर मतदान कराया गया, जबकि संविधान के अनुसार चुनाव 30 दिन बाद होना चाहिए।

किशोर ने आरोप लगाया कि ऐसा भाजपा के विरोधियों को प्रचार के लिए पर्याप्त समय देने से रोकने के उद्देश्य से किया गया था।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने बिहार में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी निर्वाचन आयोग पर ‘मूकदर्शक बने रहने’ का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से शुरू की गई एक योजना के तहत मतदान से दो दिन पहले तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पैसे अंतरित किए गए थे।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र