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लद्दाख प्रशासन ने पांच जिलों में पांच तहसीलों और 31 राजस्व गांवों का पुनर्गठन किया

लेह/जम्मू, 16 अक्टूबर (भाषा) लद्दाख प्रशासन ने शुक्रवार को राजस्व विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश के पांच जिलों में पांच नई तहसीलों और 31 राजस्व गांवों का पुनर्गठन किया।

लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बताया कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में पांच नयी तहसीलों के गठन को मंजूरी दी है, जिससे लद्दाख में तहसीलों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है। इस कदम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशासन को मजबूत करना और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

लद्दाख के आयुक्त-सचिव (राजस्व) शूरबीर सिंह ने 16 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर भूमि राजस्व अधिनियम, 1996 की धारा पांच के तहत यह अधिसूचना जारी की। यह 27 अप्रैल और 12 जुलाई, 2026 को जारी पहले के आदेशों के बाद उठाया गया कदम है।

अधिसूचना में शाम, कारगिल, जंस्कार, द्रास और चांगथांग जिलों को शामिल किया गया है।

शाम जिले में आर्यन वैली तहसील के तहत चार राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। इनमें धा-बेमा (मुख्यालय), हनु, गरकोन और दारचिक शामिल हैं।

कारगिल जिले में सोध तहसील के तहत आठ राजस्व गांव होंगे। इनमें योरबलटक (मुख्यालय), अकचामल, अपाटी, तुमैल, बारचे, सिलमू, लालुंग और चुलिचन शामिल हैं।

जंस्कार जिले में फेई तहसील का मुख्यालय फेई होगा। इसके तहत नौ राजस्व गांव- रंगदुम, फेई, रेमाला-स्कागम, हमिलिंग, अबरान, अकशो, अटिंग, रंतकशा और तुंगरी शामिल होंगे।

द्रास जिले में थासगाम तहसील का मुख्यालय थासगाम होगा। इसके तहत थासगाम, जसगुंड, खरबू और शमीशा सहित चार राजस्व गांव होंगे।

चांगथांग जिले में हिम्या तहसील का मुख्यालय हिम्या होगा। इसके तहत छह राजस्व गांव- तुकला, लिकत्से, तारचित, कुंगयाम, तेरी और हिम्या शामिल होंगे।

प्रशासन ने कुछ मौजूदा तहसीलों का पुनर्गठन भी अधिसूचित किया है। अधिसूचना के प्रभावी होने की तारीख से, कुछ राजस्व गांव अपनी मौजूदा तहसीलों का हिस्सा नहीं रहेंगे और नई गठित तहसीलों में शामिल हो जाएंगे।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश