चंडीगढ़, 16 अक्टूबर (भाषा) नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के तीन दिन बाद भी उनका शव मानसा शहर के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखा है, क्योंकि उनके परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को कार्यकर्ता के परिवार से अलग-अलग मुलाकात की।
झोटा की हत्या के बाद कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त कार्य समिति ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे के साथ ही, मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और ड्रग इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की भी मांग की है। उन्होंने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की है।
मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता झोटा की मंगलवार को मानसा के भीड़भाड़ वाले बाजार में मेडिकल स्टोर के मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। उसने झोटा पर उस समय गोली चलाई थी, जब वह एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं बेचने के मामले में उससे पूछताछ कर रहे थे।
झोटा की हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का संकल्प जताया है। वहीं, विपक्षी नेताओं ने राज्य में ‘‘जंगलराज’’ का आरोप लगाते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार झोटा की हत्या और पिछले महीने गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगेगी। गुलजार सिंह ने अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर एक मंत्री से सवाल किया था।
झोटा के परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मान के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थ की समस्या पर रोक लगाना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन यह सरकार ऐसा करने में पूरी तरह विफल रही है।’’
गड़गज्ज ने कहा कि जुलाई में शुरू हुए अकाल तख्त के ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ के दौरान उन्होंने पंजाब के विभिन्न गांवों में कई परिवारों से मुलाकात की और नशे के गंभीर दुष्प्रभावों को सामने रखा।
वहीं, हरसिमरत कौर बादल ने पत्रकारों से कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में मादक पदार्थ की समस्या बढ़ी है।
भाषा आशीष पवनेश
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