बलिया, 16 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई आरोपों से जुड़े करीब 23 साल पुराने मामले में बलिया जिले की अदालत ने बृहस्पतिवार को गैर जमानती वारंट जारी किया।
अभियोजन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलेष कुमार पांडेय की अदालत ने मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
उन्होंने बताया कि मामले में अगली सुनवाई के लिए 25 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला चार दिसंबर 2003 का है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि उस समय बलिया शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी सर्वजीत शाही की तहरीर पर दयाशंकर सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य रवि शंकर सिंह पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों नेताओं ने कोतवाली परिसर में तत्कालीन प्रभारी के साथ दुर्व्यवहार किया, गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
दोनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद दयाशंकर सिंह और रवि शंकर सिंह पप्पू के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
अभियोजन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में रवि शंकर सिंह पप्पू पिछली सुनवाई के दौरान 22 सितंबर को अदालत में पेश हुए थे और उन्हें जमानत मिल गयी थी।
अधिकारी ने बताया कि अदालत ने अब दयाशंकर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
भाषा सं. सलीम जितेंद्र
जितेंद्र