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पश्चिम बंगाल सरकार ‘शत्रु संपत्तियों’ की संरक्षक बनेगी : शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता, 16 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में स्थित सभी ‘‘शत्रु संपत्तियों’’ का संरक्षक राज्य सरकार को बनाने जा रही है।

शत्रु संपत्तियों से तात्पर्य उन चल और अचल संपत्तियों से है जिनमें जमीन, इमारतें, शेयर और बैंकों में जमा सोना शामिल हैं और ये संपत्तियां उन लोग की हैं, जिन्होंने भारत के शत्रु माने जाने वाले देशों में जाकर वहां की नागरिकता ले ली है।

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को मुर्शिदाबाद जिले के लालबाग में दुर्गा पूजा की शुरुआत करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन संपत्तियों से होने वाली आय का इस्तेमाल विकास परियोजनाओं के लिए करना चाहती है।

उन्होंने पूजा समारोह में मौजूद लोगों से कहा, ‘‘अपना भाषण समाप्त करने से पहले मैं एक खबर देना चाहता हूं। केंद्र बंगाल में स्थित सभी शत्रु संपत्तियों का संरक्षक राज्य सरकार को बनाने की तैयारी में है।’’

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। हमें इस विधानसभा क्षेत्र (मुर्शिदाबाद) को सुंदर बनाना है और यहां आदर्श गांव बनाने हैं।’’

शुभेंदु अधिकारी ने यह घोषणा 13 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक के 48 घंटे बाद की।

बैठक में शामिल मंत्रियों ने आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, सीमापार संगठित अपराध, साइबर अपराध, धनशोधन, आतंकवाद के वित्तपोषण और हथियारों की तस्करी से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

इस बैठक में सभी सात सदस्य देशों-बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमा, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। हालांकि, बांग्लादेश की ओर से उसके गृह मंत्री के बजाय एक वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हुए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाला शत्रु संपत्ति अभिरक्षक (सीईपीआई) फिलहाल इन संपत्तियों के प्रबंधन, नियंत्रण, संरक्षण और निपटान के लिए जिम्मेदार है।

सीईपीआई इन संपत्तियों से किराये, पट्टे के भुगतान, लाभांश और अन्य नियमित आय के रूप में मिलने वाली रकम एकत्र करता है और उसे सरकारी खाते में जमा कराता है।

सूत्रों ने बताया कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार ऐसी संपत्तियों की संरक्षक बनती है, तो उनसे होने वाली आय राज्य के खजाने में जमा कराई जा सकेगी।

भाषा शोभना शफीक

शफीक