अयोध्या, 16 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में कुल 150 छोटे-बड़े निर्माण कार्यों में से 148 पूरे कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिए गए। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मिश्र ने निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन की समीक्षा के बाद बताया कि अब मुख्य रूप से मंदिर के परकोटे का निर्माण कार्य ट्रस्ट को सौंपा जाना बाकी है।
उन्होंने कहा कि परकोटे और मंदिर की बाहरी सजावटी रोशनी (फसाड लाइटिंग) का काम 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मिश्र ने बताया कि परकोटे की छत पर जल शोधन से संबंधित कुछ काम बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं और मौसम अनुकूल होने पर इन्हें पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दीपावली के दौरान मंदिर परिसर की भव्यता और सुंदरता के अनुरूप रोशनी की व्यवस्था की जाएगी तथा इसके लिए मंदिर व परकोटे में प्रकाश व्यवस्था का काम किया जा रहा है।
मिश्र ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित कंपनी ‘लार्सन एंड टुब्रो’ (एलएंडटी) दस्तावेज, नक्शे, डिजाइन और वित्तीय विवरण ट्रस्ट को सौंपती है तथा इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना अभियंताओं की टीम निर्माण कार्यों का निरीक्षण करती है व संतुष्ट होने पर उन्हें स्वीकार करती है।
उन्होंने बताया कि निर्माण समिति की बैठक में ठेकेदारों के भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
मिश्र ने बताया कि इसके अलावा मंदिर परिसर के बाहर निर्माणाधीन सभाकक्ष और संग्रहालय के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है लेकिन इन स्थलों पर उद्यान व बागवानी से संबंधित कुछ काम अभी जारी हैं।
मिश्र ने कहा कि माध्वाचार्य द्वार का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और निर्माण समिति मौके पर जाकर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति व काम के दौरान आ रही कठिनाइयों का भी निरीक्षण करेगी।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि निर्माण कार्यों को ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया में सभी तकनीकी और वित्तीय औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी है ताकि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में मुख्य निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और अब परकोटे से जुड़े शेष कार्यों, प्रकाश व्यवस्था व अन्य विकास परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मिश्र ने कहा कि निर्माण समिति इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर रही है ताकि इन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र