तिरुवनंतपुरम, 16 अक्टूबर (भाषा) केरलम की मंत्री बिंदु कृष्णा ने शुक्रवार को कहा कि शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में घी की आपूर्ति में कथित अनियमितताओं के कारण तिरुवनंतपुरम क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (टीआरसीएमपीयू) को 75.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
टीआरसीएमपीयू, केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ लिमिटेड के तीन क्षेत्रीय संघों में से एक है। यह महासंघ मिल्मा के नाम से लोकप्रिय है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सवालों का जवाब देते हुए राज्य की डेयरी विकास मंत्री ने कहा कि अनियमितताओं का पता चलने के बाद क्षेत्रीय संघ के प्रबंध निकाय को भंग कर दिया गया था और विभागीय जांच अंतिम चरण में है।
उन्होंने बताया कि थोक मूल्य 552 रुपये प्रति लीटर होने के बावजूद घी की आपूर्ति 510 रुपये प्रति लीटर की दर से की गई, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
कृष्णा ने कहा, ‘‘इस मामले में कई आरोप सामने आए थे। अनियमितताएं गंभीर होने के कारण क्षेत्रीय संघ को भंग कर दिया गया। विभागीय जांच जारी है और अंतिम चरण में है।’’
उन्होंने कहा कि जांच के तहत मामले से संबंधित सभी जरूरी फाइलें सतर्कता विभाग को सौंप दी गई हैं। शबरिमला तक घी पहुंचाने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कृष्णा ने कहा कि डेयरी विकास विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ऐसी अनियमितताएं दोबारा न हों। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि घी के उत्पादन केंद्र से लेकर शबरिमला में उसकी आपूर्ति तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने सरकार को बताया है कि 2026-27 की तीर्थयात्रा अवधि से शबरिमला मंदिर परिसर में घी ले जाने से पहले पंबा में उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
ये बयान 2025-26 की तीर्थयात्रा अवधि के दौरान मिल्मा द्वारा कथित तौर पर घटिया गुणवत्ता वाले घी की आपूर्ति किए जाने और निर्धारित मात्रा से संबंधित अनियमितताओं के आरोपों के बीच आए हैं।
राज्य सरकार ने हाल में इन आरोपों की जांच के आदेश दिए थे।
केरल उच्च न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल ने अयप्पा मंदिर में मिल्मा के घी की खरीद और आपूर्ति में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की।
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