नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) इंजीनियरिंग कंपनी डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि उसने देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त रूप से अवसरों का लाभ उठाने के लिए एक घरेलू इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) कंपनी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस कदम का मकसद परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स की उपस्थिति को मजबूत करना है।
कंपनी ने ईपीसी ठेकेदार के नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि इस रूपरेखा समझौते में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के विकासकर्ता द्वारा विकसित की जा रही मौजूदा और आगामी परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर), हल्के जल रिएक्टर (एलडब्ल्यूआर) और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) शामिल हैं।
सहयोग के मुख्य क्षेत्रों में न्यूक्लियर आइलैंड (जिसमें प्राथमिक पाइपिंग और सामान्य सेवाएं शामिल हैं) तथा टरबाइन आइलैंड (जिसमें द्वितीयक-चक्र पाइपिंग और हल्के जल की प्रणालियां हैं) शामिल हैं।
समझौते के तहत डीईई एक रणनीतिक साझेदार के रूप में काम करेगी और बोली-पूर्व सहायता देगी, जिसमें बजटीय प्रस्ताव तथा वाणिज्यिक तथा मूल्य निर्धारण से जुड़े सुझाव शामिल हैं।
डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के एल बंसल ने कहा, ''भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं घरेलू विनिर्माण और इंजीनियरिंग परिवेश को मजबूत कर रही हैं। जैसे-जैसे यह क्षेत्र आगे बढ़ रहा है, परमाणु ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास को समर्थन देने के लिए विश्वसनीय पाइपिंग प्रणालियां, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।''
भाषा पाण्डेय रमण
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