लखनऊ, 16 अक्टूबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया के औचित्य पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जब हारने लगती है तो बेईमानी करने लगती है और इसी वजह से यह प्रक्रिया कराई जा रही है।
यादव ने सपा मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में सवाल किया कि जब मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हो चुका है, तो एसएसआर कराने का क्या औचित्य है।
उन्होंने कहा, “जब भाजपा हारने लगती है तो बेईमानी करने लगती है। इसलिए एसएसआर की प्रक्रिया की जा रही है। एसआईआर पहले ही हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा संतुष्ट नहीं है और मतदाता सूची के माध्यम से हेराफेरी करना चाहती है।”
यादव ने एसएसआर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग सीधे मुकाबले से बचने के लिए निर्वाचन आयोग के माध्यम से साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पीडीए प्रहरी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे।
निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की घोषणा की है।
इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और सूची से बाहर रह गए पात्र मतदाताओं को शामिल करने का काम किया जाएगा।
इन 17 राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत वे पांच राज्य भी शामिल हैं, जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
सपा प्रमुख ने निर्वाचन आयोग से एक ही पुनरीक्षण प्रक्रिया अपनाने की अपील करते हुए कहा, “हमारा निर्वाचन आयोग से निवेदन है कि वह एक ही पुनरीक्षण करे। पुनरीक्षण के ऊपर पुनरीक्षण न करे। आपने जब फैसला ले लिया है तो एसएसआर ही अंतिम नामांकन तक किया जाए। यह दोहरा पुनरीक्षण नहीं होना चाहिए। समाजवादी पार्टी इसके पक्ष में नहीं है।”
यादव ने भाजपा और निर्वाचन आयोग के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सपा निर्वाचन आयोग के खिलाफ आवाज उठाती है तो भाजपा उसके समर्थन में क्यों खड़ी हो जाती है।
उन्होंने कहा, “अगर भाजपा को कोई तकलीफ नहीं है तो सत्तारूढ़ दल निर्वाचन आयोग के साथ क्यों खड़ा है? इसका मतलब है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है।”
सपा प्रमुख ने दावा किया कि पार्टी ने निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत देकर बताया है कि लाखों मतदाताओं के नाम दो या तीन जगह दर्ज हैं।
यादव ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद चुनाव से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सपा प्रमुख ने विकास यादव नाम के एक युवक को मंच पर बुलाया और दावा किया कि उसका नाम मतदाता सूची में 12 जगह दर्ज है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवक एक ही जगह मतदान करेगा, जबकि अन्य स्थानों पर भाजपा के लोग उसके नाम पर वोट डाल सकते हैं।
यादव ने कहा, “हम एसआईआर और एसएसआर का विरोध नहीं करते, बल्कि इनके नाम पर की जा रही साजिश और चालबाजी का विरोध करते हैं। विरोध इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि आयोग का भंडाफोड़ हो चुका है और उसकी चोरी पकड़ी जा चुकी है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा इसलिए वोट चोरी करना चाहती है, क्योंकि उसके अपने मतदाता उससे दूर हो रहे हैं।
यादव ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में आस्थावान लोग दुखी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर धन की चोरी करने वालों के साथ कोई सच्चा सनातनी खड़ा नहीं होना चाहता और भाजपा को वोट देकर कोई भी उस पाप में शामिल नहीं होना चाहता।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश के किसान, महिलाएं, मध्यम वर्ग के लोग, ‘जेन-जी’ और जेन अल्फा भाजपा से नाराज हैं।
यादव ने भाजपा के ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के संकल्प पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल ऐसा इसलिए चाहती है, ताकि एक ही बार में सारा घपला किया जा सके और उसे बार-बार चुनावों में जवाब न देना पड़े।
उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रयागराज में पुलिस चौकी के बगल में ही एक वकील की हत्या कर दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार हत्या की घटनाएं हो रही हैं।
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र