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बिहार की लड़कियों पर टिप्पणी करने वाले उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री के पति फिर विवादों में

(कॉपी में सुधार के साथ)

देहरादून, 16 अक्टूबर (भाषा) इस साल की शुरुआत में बिहार की लड़कियों को लेकर विवादित टिप्प्णी के लिए माफी मांग चुके उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू अब पत्नी की हत्या की साजिश रचने सहित कई गंभीर आरोपों को लेकर फिर सुर्खियां में हैं।

आर्य ने बृहस्पतिवार शाम देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए खुद को उनसे जान का खतरा बताया है।

इस साल दो जनवरी को साहू का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह ‘‘बिहार में 20-25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाने तथा कुंवारे लड़कों की उनसे शादी कराने’’ की बात कहते दिखाई दिए थे। उनकी इस टिप्पणी पर हंगामा होने और सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ होने के बाद साहू को इस पर माफी मांगनी पड़ी थी।

हालांकि, अब उनकी पत्नी ने ही उन पर मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी, जातिसूचक गालियां देने और उनकी हत्या की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए हैं।

मंत्री ने पुलिस में दी अपनी शिकायत में कहा कि उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी साहू ने 2004 में उनसे विवाह करते समय अपनी पहली शादी और बच्चों के होने की बात छिपाई थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें यह बात पता चली तो उनके अपने बच्चे भी हो चुके थे और इस कारण वह चुप रहीं।

आर्य के अनुसार, कुछ समय बाद उन्हें उनके पति के अन्य महिलाओं से संबंधों के बारे में भी पता चला और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो साहू ने उनसे माफी भी मांगी लेकिन उनकी हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया।

उन्होंने कहा कि बाद में विरोध करने पर साहू ने उनके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द भी कहे। आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि साहू ने उनके जाली दस्तखत कर उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से भी हटा दिया जबकि उन्होंने त्यागपत्र नहीं दिया था।

पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद मंत्री ने रोते हुए स्वयं इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करके दी और बताया कि अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की खातिर उन्होंने पुलिस में तहरीर दी है।

संबंधित वीडियो के साथ ही मंत्री ने एक ऑडियो क्लिप भी साझा की जिसमें साहू कथित रूप से उन्हें जान से मारने की साजिश संबंधी बात कहते सुनाई देते हैं।

वीडियो जारी करने के बाद मंत्री की तबियत भी बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। आर्य, अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र (आरक्षित) से विधायक हैं।

ताजा मामला सामने आने के बाद, साहू के खिलाफ पहले लगे अन्य गंभीर आरोपों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। उत्तराखंड में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के सचिव इंद्रेश मैखुरी ने बरेली में करीब तीन दशक पहले एक दंपती की हत्या में साहू का नाम आने और अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू पर जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के आरोप भी लग चुके हैं।

आर्य के मंत्री होने के कारण इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्षी नेताओं ने भाजपा नेतृत्व से पूछा है कि अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति का दावा करने वाली पार्टी का इस मामले में क्या रुख है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने मामले को ‘‘अत्यधिक गंभीर’’ बताया और कहा कि यह राज्य के लिए भी एक चिंताजनक बात है।

रावत ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस राज्य में षड्यंत्र ही हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पहले आठ-दस साल उत्तराखंड को लूटकर खाया और अब वह व्यक्ति अपराधी के तौर पर दिखाई दे रहा है। उधर, आंसुओं का सैलाब दिखाई दे रहा है। मुझे लगता है कि मंत्री को यह बात सार्वजनिक तौर पर नहीं कहनी चाहिए थी लेकिन इसका अर्थ है कि मंत्री सुरक्षित नहीं हैं।’’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के संघर्ष में अब वह मंत्री रेखा आर्य के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा भी शामिल करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुखद है कि प्रदेश की महिला सशक्तीकरण मंत्री ही प्रताड़ना का आरोप लगा रही हैं। महिलाओं के साथ अन्याय कहीं भी हो, उसके खिलाफ आवाज उठाना और उनकी सुरक्षा के लिए संघर्ष करना हमारी जिम्मेदारी है।’’

भाषा दीप्ति मनीषा नेत्रपाल

नेत्रपाल

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