चंडीगढ़, 16 अक्टूबर (भाषा) अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब के मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को सिख समुदाय का शहीद घोषित किया।
इस सप्ताह की शुरुआत में झोटा की हत्या कर दी गई थी।
ज्ञानी गड़गज्ज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने शुक्रवार को शोक संतप्त परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने के लिए मानसा का दौरा किया।
इस दौरान जत्थेदार ने झोटा को सिख समुदाय के शहीद का दर्जा दिया।
नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले झोटा की मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। झोटा एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने के आरोप में दुकानदार से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान दुकानदार अश्वनी कुमार ने उन पर गोली चला दी। बाद में अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
ज्ञानी गड़गज्ज ने झोटा की स्मृति में अरदास की। इसमें उनके पिता भीम सिंह, परिवार के अन्य सदस्य और संगत शामिल हुई।
सिखों के सर्वोच्च धार्मिक संस्थान अकाल तख्त के जत्थेदार ने अरदास के दौरान कहा कि पंजाब के युवा नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन का शिकार हो रहे हैं, जबकि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी गोलियों से मारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाई परविंदर सिंह झोटा ने नशे की समस्या के खिलाफ लड़ते हुए शहादत प्राप्त की।
उन्होंने परमात्मा से प्रार्थना की कि परविंदर सिंह द्वारा शुरू किए गए नशा विरोधी अभियान को सफलता मिले। उन्होंने परिवार के न्याय के लिए जारी संघर्ष तथा नशे के कारोबार को खत्म करने के प्रयासों में भी सफलता की कामना की।
जत्थेदार ने यह भी प्रार्थना की कि पंजाब में रहने वाले हिंदुओं, सिखों, मुसलमानों और अन्य समुदायों के लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का साहस और संकल्प मिले तथा परमात्मा राज्य के युवाओं की रक्षा करे।
जत्थेदार ने झोटा के दोनों बेटों को स्नेहपूर्वक गले लगाया और उन्हें दृढ़ रहने तथा हौसला बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सिख समुदाय और पंजाब के लोगों से शोक संतप्त परिवार को अधिकतम सहयोग देने की अपील की।
झोटा को शहीद का सम्मान देते हुए जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि उनके पास जीवन में अन्य विकल्प भी थे, लेकिन उन्होंने लोगों और युवाओं के लिए संघर्ष करते हुए बलिदान का रास्ता चुना।
भाषा राखी मनीषा
मनीषा