इम्फाल, 16 अक्टूबर (भाषा) यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर पद से बर्खास्त किये गये कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मणिपुर की राजधानी में कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने “दोषी को सजा दो” और “हम न्याय की मांग करते हैं” लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने बिमोल अकोइजम के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे भी लगाये।
पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस भवन परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘अकोइजम न केवल कांग्रेस, बल्कि पूरे राज्य की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। छात्राओं के साथ उनके कथित दुर्व्यवहार से लोग शर्मिंदा हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें अदालत में जाना चाहिए और अदालत को यह तय करने देना चाहिए कि वह दोषी हैं या निर्दोष।’’
प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता हरेश्वर गोस्वामी ने कहा, “यह हास्यास्पद है कि सत्ता में रहते हुए भाजपा न्याय की मांग कर रही है। यह राज्य में हो रही हत्याओं और संकट से लोगों का ध्यान भटकाने की साजिश है।’’
यौन उत्पीड़न के मामले में अकोइजम बृहस्पतिवार रात दिल्ली के वसंत कुंज उत्तर पुलिस थाने में जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए।
पुलिस द्वारा अकोइजम को बुधवार को एक नोटिस दिया गया था, जिसमें उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था।
जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्टूबर को प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
अकोइजम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 75, 75(1)(आई), 75(1)(चार) और 79 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं यौन उत्पीड़न और किसी महिला की लज्जा को भंग करने के इरादे से किए गए कृत्यों से संबंधित हैं।
जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के तहत ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स’ में प्रोफेसर रहे अकोइजम को यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद नौ अक्टूबर को बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह बैठकों या समारोहों के बहाने छात्राओं को परिसर स्थित अपने आवास पर बुलाते थे और उनका उत्पीड़न करने की कोशिश करते थे।
कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि वह कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां भी करते थे।
इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद ने इस कार्रवाई को साजिश करार दिया और दावा किया कि उन्हें जांच समिति के निष्कर्षों का जवाब देने की अनुमति नहीं दी गई।
भाषा
देवेंद्र मनीषा
मनीषा