भुवनेश्वर, 16 अक्टूबर (भाषा) ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शुक्रवार को राज्यपाल-नामित ब्रज मोहन राम की उस विवादित टिप्पणी का बचाव किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पदभार संभालने के बाद “भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।”
हरिचंदन ने कहा कि यह दशकों तक पार्टी के लिए काम कर चुके एक वरिष्ठ नेता की जुबान फिसलने का मामला हो सकता है।
हरिचंदन ने ये टिप्पणियां ओडिशा के नए राज्यपाल के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद राम के बयान को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कीं।
राम, हरि बाबू कंभमपति की जगह लेंगे।
हरिचंदन ने कहा, “यह जुबान फिसलने का मामला हो सकता है। हो सकता है कि उन्होंने ये शब्द कहने से पहले इस बारे में सोचा न हो। उन्होंने दशकों तक पार्टी के लिए काम किया है, इसलिए हो सकता है कि अनजाने में उनके मुंह से ये शब्द निकल गए हों। उनका ऐसा कहने का कोई मतलब नहीं था।”
हरिचंदन ने इस टिप्पणी को मुद्दा बनाने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की।
मंत्री ने कहा कि राम को पहले पदभार संभालने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास यह आकलन करने के पर्याप्त अवसर होंगे कि राम संविधान के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से काम करते हैं या नहीं।
हरिचंदन ने कहा, “अगर कोई कमी रहती है, तो विपक्ष उस समय सवाल उठा सकता है, न कि अभी उन शब्दों को लेकर जो अनजाने में उनके मुंह से निकल गए।”
इससे पहले, नियुक्ति की घोषणा के बाद राम ने रांची में 'पीटीआई वीडियो' से कहा था कि पदभार संभालने के बाद वह “भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।”
इस टिप्पणी से राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने इसकी निंदा की।
बीजद ने राम के बयान पर हैरानी जताई जबकि कांग्रेस ने उन्हें राज्यपाल पद से वापस बुलाने की मांग की।
बीजद ने एक बयान में कहा, “उनकी टिप्पणी सुनकर हम हैरान हैं, जिसमें उन्होंने दोहराया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की निंदा करते हैं, क्योंकि यह इस तथ्य को नकारती है कि राज्यपाल दलगत राजनीति से ऊपर होता है।”
राम ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नवरात्रि के अवसर पर 18 अक्टूबर को राज्यपाल का पदभार संभालेंगे।
तीन बार भाजपा सांसद रह चुके राम के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि वह 17 अक्टूबर को ओडिशा के लिए रवाना होंगे और अगले दिन शपथ लेंगे।
राम ने यह भी कहा कि वह सभी के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा, “राज्य का विकास मेरा प्राथमिक एजेंडा होगा। शिक्षा, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे और बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याओं के साथ-साथ संवैधानिक दायरे में आने वाले अन्य सभी विषय मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होंगे।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को झारखंड के पलामू जिले के मूल निवासी राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया।
राम अविभाजित बिहार में पलामू लोकसभा क्षेत्र का तीन बार, 1996, 1998 और 1999 में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य भी रहे।
भाषा तान्या नरेश
नरेश