इडुक्की (केरलम), 16 अक्टूबर (भाषा) केरलम के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) ने 2018 की भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए शुरू की गई बकरी वितरण योजना में 68.62 लाख रुपये के कथित गबन के आरोप में अडिमली ग्राम पंचायत के दो पूर्व पदाधिकारियों समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वीएसीबी की इडुक्की इकाई ने 14 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
इस मामले में अनाक्कारा निवासी एन. पी. चाको (64), अडिमली ग्राम पंचायत की पूर्व अध्यक्ष दीपा राजीव (35) और पंचायत की कल्याण स्थायी समिति की पूर्व अध्यक्ष प्रिंसी मैथ्यू (47) को आरोपी बनाया गया है।
वीएसीबी के अनुसार, पंचायत ने 2018 की बाढ़ में आजीविका गंवाने वाले लोगों की मदद के लिए 2019-20 में एक योजना शुरू की थी, जिसे 2020-21 तक जारी रखा गया। इस योजना के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों को बकरियां वितरित की जानी थीं।
योजना को लागू करने की जिम्मेदारी अडिमली पशु चिकित्सा अस्पताल के पशु चिकित्सक को सौंपी गई थी।
प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन लोक सेवकों दीपा राजीव और प्रिंसी मैथ्यू ने चाको के साथ मिलकर कथित तौर पर साजिश रची। आरोप है कि चाको के पास बकरी पालन या उनके रखरखाव के लिए कोई फार्म लाइसेंस नहीं होने के बावजूद उसे 915 बकरियां उपलब्ध कराने का ठेका दे दिया गया।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि चाको ने ‘हाइरेंज फार्म’ के नाम से अलग-अलग तारीखों पर फर्जी भुगतान वाउचर तैयार किए और दावा किया कि उसने सभी 915 बकरियां उपलब्ध करा दी है जबकि वास्तव में केवल 257 बकरियां ही दी गई थीं।
आरोप है कि बकरियों की खरीद के लिए आवंटित 68,62,500 रुपये का गबन किया गया।
फिलहाल, वीएसीबी की इडुक्की इकाई के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक दल मामले की जांच कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की गई थी। आरोपियों के कार्यकाल के दौरान लागू की गई अन्य योजनाओं की भी जांच की जा रही है।
भाषा खारी मनीषा
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