नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) पिता को कैंसर के कारण खोने का दुख सोनल गोयल के लिए समाज को जागरूक करने की प्रेरणा बन गया। त्रिपुरा कैडर की 43 वर्षीय भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी गोयल ने तंजानिया में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने और नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ संदेश दिया।
वर्ष 2008 बैच की आईएएस अधिकारी गोयल दो अक्टूबर को किलिमंजारो के तीन आधिकारिक शिखर बिंदुओं में से एक, 5,756 मीटर (18,885 फुट) ऊंचे स्टेला प्वाइंट पर पहुंचीं।
किलिमंजारो 5,895 मीटर (19,341 फुट) ऊंचा शांत ज्वालामुखी पर्वत है। यह अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत और दुनिया का सबसे ऊंचा एकल पर्वत माना जाता है।
सोनल गोयल ने किलिमंजारो के शिखर तक पहुंचने के लिए बेहद दुर्गम 'लेमोशो मार्ग' को चुना और आठ दिनों में अपना अभियान पूरा किया। भारत, अमेरिका और कनाडा के पर्वतारोहियों वाले दस सदस्यीय दल में वह अकेली महिला पर्वतारोही थीं।
उन्होंने इस अभियान के जरिये कैंसर से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और ‘नशामुक्त भारत’ का संदेश देने का प्रयास किया।
सोनल ने अभियान से लौटने के बाद शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “24 अक्टूबर 2023 को मैंने कैंसर के कारण अपने पिता को खो दिया था। उनके जाने से मेरे जीवन में एक सूनापन आ गया था, लेकिन इस घटना ने व्यक्तिगत दुख को एक सार्थक सामाजिक संकल्प में बदलने के मेरे इरादे को और मजबूत किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कैंसर से बचाव, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरुकता फैलाने का फैसला किया, ताकि सही समय पर चिकित्सीय सलाह और जानकारी मिलने से अन्य परिवारों को इस असहनीय दर्द से बचाया जा सके।’’
दो अक्टूबर को जब सोनल किलिमंजारो के ‘स्टेला प्वाइंट’ पहुंचीं, तो उन्होंने वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ-साथ कैंसर जागरुकता से जुड़े पोस्टर और ‘‘ड्रग्स नहीं, ड्रीम्स चुनो’’ के नारे वाले संदेश प्रदर्शित किए।
इससे पहले उन्होंने इसी वर्ष मई में अपने एवरेस्ट आधार शिविर ट्रैक के दौरान भी यह जागरुकता अभियान चलाया था।
माना जा रहा है कि सोनल गोयल यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली सेवारत महिला आईएएस अधिकारी हैं।
भाषा खारी वैभव
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