कोयंबटूर (तमिलनाडु), 16 अक्टूबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को यहां गांधीपुरम में डॉ. नंजप्पा रोड पर सात एकड़ क्षेत्र में फैले ‘पेरियार अरिवुलगम’ और विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया।
इस परियोजना पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें भवन निर्माण पर 245 करोड़ रुपये और पुस्तकों तथा ई-पुस्तकों के लिए 50 करोड़ रुपये शामिल हैं।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की पूर्ववर्ती सरकार ने शिक्षा और ज्ञान के केंद्र के रूप में इस परियोजना की परिकल्पना की थी और इसका काम शुरू कराया था।
समाज सुधारक ‘पेरियार’ ई. वी. रामासामी के नाम पर बने इस आठ मंजिला परिसर का उद्देश्य शिक्षा, विज्ञान की पढ़ाई और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
इस केंद्र के औपचारिक उद्घाटन से कुछ घंटे पहले द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि यह परियोजना उनकी ‘द्रविड़ मॉडल सरकार’ की परिकल्पना थी।
स्टालिन ने कहा, ‘‘इससे क्या फर्क पड़ता है कि इसका उद्घाटन कौन करता है? क्या गर्व उद्घाटन करने में है? असली गर्व कुछ अनूठा सोचने और उसे साकार करने में है। यह गर्व हमेशा द्रमुक का रहेगा।’’
मुख्यमंत्री विजय विशेष विमान से चेन्नई से यहां पहुंचे। उन्होंने उद्घाटन से पहले अविनाशी रोड से गांधीपुरम तक रोडशो किया। उन्होंने कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गांधीपुरम स्थित कार्यक्रम स्थल तक करीब 11.4 किलोमीटर की यात्रा की।
उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ अविनाशी रोड के किनारे उनका स्वागत करने के लिए जुटी। पुलिस ने पीलामेडु, अविनाशी रोड और गांधीपुरम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे मार्ग पर ड्रोन उड़ाने पर सख्त प्रतिबंध लागू किया गया।
मुख्यमंत्री बाद में डॉ. नंजप्पा रोड स्थित पेरियार अरिवुलगम परिसर पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
उन्होंने परिसर में पेरियार की एक विशाल प्रतिमा का अनावरण किया और पेरियार अरिवुलगम एवं विज्ञान केंद्र का उद्घाटन भी किया।
विजय ने विज्ञान केंद्र, डिजिटल पुस्तकालय और तारामंडल का दौरा किया। उन्होंने परिसर की दूसरी मंजिल पर स्थानीय निगम स्कूलों के विद्यार्थियों से बातचीत भी की।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा