नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (भाषा) केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कथित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
विजयन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष इस याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
लूथरा ने पीठ से विजयन को दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करने का भी आग्रह किया।
इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर को दशहरे के अवकाश के बाद शीर्ष अदालत के फिर से खुलने पर की जाएगी।
प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा कि वह न्यायाधीशों की उपलब्धता के आधार पर अगले सप्ताह छुट्टियों के दौरान भी एक पीठ का गठन कर सकते हैं।
दरअसल केरल उच्च न्यायालय ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगने वाली उनकी याचिकाओं को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया था।
उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास के उन आवेदनों को खारिज कर दिया, जिनमें एकल पीठ के नौ अक्टूबर के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी। अदालत ने यह कहते हुए आवेदन खारिज किए कि ‘‘भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी को प्राथमिकी दर्ज होने से पहले सुने जाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।’’
अदालत ने कहा कि चूंकि आवेदन खारिज किए जाते हैं, इसलिए उनकी अपीलें भी खारिज हो जाती हैं।
विजयन, वीणा और रियास ने खंडपीठ के समक्ष दायर अपनी अपीलों में दावा किया था कि प्राथमिकी दर्ज करने का नौ अक्टूबर को निर्देश जारी करने से पहले एकल पीठ ने उनकी बात नहीं सुनी थी।
उच्च न्यायालय ने नौ अक्टूबर को सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को निर्देश दिया था कि वह प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राज्य पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करे।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपनी जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज करने का आग्रह किया था।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड ने आईटी परामर्श सेवाओं की आड़ में वीणा की कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया। वीणा की यह कंपनी अब बंद हो चुकी है।
भाषा शोभना मनीषा
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